कमाख्ये वरदे देवी नील पर्वत वासिनी ।
त्वम् देवि जगताम माययोनिमुद्रे नमोस्तुते ।।
तंत्र में पंचमकार एक रहस्य है ।दस महा विद्या मनुष्य की जागृति अवस्था है यदि मनुष्य स्वयं को पहचान ले तो ब्रह्म के करीब होता है पढो समझो और विचार करो........
Kamakhya Tantra, Astrologist,Your Future In Your Hand, Dharma aur Vigyan,Tantra Me Panchamakar Ek Rahashya Hai,Sadhana Hi Jiwan Hai,